पेट में सांप का बिल! 😱 राजकुमार की रहस्यमयी बीमारी | Snake in Stomach Moral Story Hindi | राजकुमारी बचाव राजा पुत्र कहानी

पेट में सांप का बिल! 😱 राजकुमार की रहस्यमयी बीमारी | Snake in Stomach Moral Story Hindi | राजकुमारी बचाव राजा पुत्र कहानी


एक प्राचीन राज्य में देवराज नाम का एक राजा राज्य करता था। उसके इकलौते बेटे के पेट में अचानक एक जहरीला सांप घुस गया। सांप ने वहां अपना घोंसला बना लिया और रोजाना उसके शरीर को कमजोर करने लगा। वैद्यों ने तरह-तरह की दवाइयां दीं, लेकिन कुछ फायदा न हुआ। हताश होकर राजकुमार घर छोड़कर दूर एक दूसरे राज्य में चला गया। वहां वह मंदिर में एक साधारण भिखारी की तरह रहने लगा।

hindi kahaniyan
hindi moral stories


उस राज्य का राजा वीरसेन था, जिसकी दो जवान बेटियां थीं। दोनों हर सुबह पिता के पास आकर प्रणाम करतीं। बड़ी बेटी मुस्कुराते हुए कहती, "पिताजी, आपकी कृपा से ही दुनिया के सारे सुख मिलते हैं। जय हो!" लेकिन छोटी बेटी कहती, "भगवान आपके कर्मों का फल जरूर देगा।" यह सुनकर राजा हमेशा गुस्सा हो जाते। एक दिन क्रोध में उन्होंने मंत्री को बुलाया और कहा, "इस कड़वी जुबान वाली लड़की का विवाह किसी गरीब यायावर से कर दो, ताकि वह अपने बोलों का फल खुद चखे।


मंत्रियों ने राजा के आदेश पर छोटी राजकुमारी का विवाह मंदिर में रहने वाले उस भिखारी राजकुमार से कर दिया। राजकुमारी ने उसे अपना पति स्वीकार किया और पूरे दिल से सेवा करने लगी। दोनों ने चुपके से राज्य छोड़ दिया। रास्ते में वे एक सुंदर तालाब के पास रुके। राजकुमार को वहां लिटाकर राजकुमारी पास के गांव से अनाज, घी और तेल लाने चली गई।



वापसी पर उसने देखा कि पति तालाब से थोड़ी दूर एक सांप के बिल के पास सो रहा है। उसके मुंह से एक फन वाला सांप बाहर आकर सूरज की धूप ले रहा था। पास ही बिल में रहने वाला दूसरा सांप भी बाहर निकला था। दोनों सांपों में गुप्त बातें हो रही थीं।


बिल वाला सांप बोला, "हे दुष्ट! तू इस सुंदर राजकुमार का जीवन क्यों बर्बाद कर रहा है?"

पेट वाला सांप हंसा, "तू भी तो इस बिल में छिपे सोने के कलश को सड़ा रहा है!"

बिल वाला सांप चिढ़कर बोला, "क्या तू सोचता है कि तेरे निकलने की दवा किसी को नहीं पता? बस उबली कांजी में राई मिलाकर पिला दो, तू मर जाएगा!


राजकुमारी ने सारी बातें सुन लीं। वह चुपके से गांव लौटी, उबली कांजी तैयार की और उसमें राई मिलाकर पति को पिला दी। सांप मर गया और राजकुमार पूरी तरह स्वस्थ हो गया। फिर उसने बिल से चमकता सोने का कलश निकाला, जिससे उनकी गरीबी हमेशा के लिए दूर हो गई। खुशी-खुशी दोनों अपने राज्य लौटे। राजा-रानी ने उनका भव्य स्वागत किया और वे सदा सुखी रहे।


सीख: कर्मों का फल कभी नजरअंदाज नहीं होता, और सच्ची बुद्धि हर मुश्किल हल कर देती है।

Post a Comment

Previous Post Next Post